कश्मीर की ऐतिहासिक धरोहरों की ओर बढ़ा पर्यटकों का रुझान

श्रीनगर। कश्मीर की पहचान सिर्फ बर्फीली वादियों और डल झील तक सीमित नहीं है। घाटी में मौजूद सदियों पुरानी ऐतिहासिक धरोहरें अब पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बन रही हैं। पुराने महल, बाग, धार्मिक स्थल और स्थापत्य के नमूने देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी पहुंच रहे हैं।

स्थानीय गाइड और इतिहास प्रेमियों का कहना है कि धरोहर पर्यटन से न सिर्फ कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सामने आती है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनते हैं। होमस्टे, हस्तशिल्प और स्थानीय खानपान से जुड़े छोटे कारोबारों को भी इससे रफ्तार मिलती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि धरोहरों के संरक्षण और उनके बारे में जानकारी फैलाने से पर्यटन का यह स्वरूप और मजबूत होगा। सरकार और स्थानीय समुदाय मिलकर इन स्थलों की देखरेख करें तो आने वाले वर्षों में कश्मीर सांस्कृतिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।