कम एथलीट, ज्यादा पदक: पैरा खेलों में भारत की नई कहानी
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन सिर्फ पदक तालिका की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक गहरे बदलाव की कहानी है। इस बार पिछले संस्करण की तुलना में 135 एथलीट कम गए, फिर भी भारत ने 114 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय पैरा खेल अब संख्या से ज्यादा गुणवत्ता की ओर बढ़ रहे हैं।
एथलेटिक्स में आए 65 पदकों ने इस सफलता की रीढ़ का काम किया। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण और खेल विज्ञान का योगदान है। खिलाड़ियों को अब पहले से बेहतर सुविधाएं, कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिल रहा है, जिसका असर मैदान पर दिख रहा है।
फिर भी यह सफलता सवाल भी खड़े करती है। कई ऐसे खेल हैं जिनमें भारत का प्रतिनिधित्व अब तक नहीं रहा। अगर उन खेलों में भी खिलाड़ियों को अवसर और बुनियादी ढांचा मिले तो अगले संस्करण में भारत पदक तालिका में और ऊपर जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैरा खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का विस्तार अब अगला कदम होना चाहिए। ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उनका प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग इस कहानी को और आगे ले जा सकता है। कम एथलीटों के साथ ज्यादा पदक जीतना भविष्य की उम्मीद का संकेत है।
