कच्चा तेल पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा
कच्चे तेल की कीमतें पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 113.17 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गया, जो बीते पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर हमलों के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कीमतों में तेज उछाल आया है।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह चिंता का विषय है। कच्चे तेल की महंगाई से न केवल आयात बिल बढ़ता है, बल्कि महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव पड़ता है। यही कारण है कि शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में भी बिकवाली का माहौल रहा और निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति मार्गों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यदि स्थिति और बिगड़ती है तो कीमतों में और तेजी आ सकती है। हालांकि ओपेक देशों के उत्पादन फैसले भी कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
सरकार की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। रणनीतिक तेल भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों से घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। आम उपभोक्ताओं को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं बताई जा रही है।
