आईटीबीपी स्थापना दिवस पर जवानों के शौर्य को किया याद

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर देश भर में बल के जवानों के शौर्य और समर्पण को याद किया गया। ऊंचे हिमालयी इलाकों में तैनात रहने वाले इस बल की कठिन ड्यूटी को हर साल इस दिन विशेष रूप से सराहा जाता है।

आईटीबीपी के जवान माइनस तापमान, बर्फीली हवाओं और दुर्गम रास्तों के बीच सीमा की रक्षा करते हैं। इसके साथ ही वे आपदा राहत, पर्वतारोहण और आंतरिक सुरक्षा के कामों में भी अहम भूमिका निभाते हैं। स्थापना दिवस पर बल की उपलब्धियों और बलिदानों को याद किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में जवानों के परिवारों और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि आईटीबीपी का अनुशासन और धैर्य देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी है।

युवा पीढ़ी के लिए आईटीबीपी की कहानी प्रेरणा का स्रोत है। कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य पर डटे रहना इस बल की पहचान बन चुका है। देश ने स्थापना दिवस पर जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।