दीपावली से पहले घरों मंदिरों में दीपदान की तैयारी
दीपावली पर्व के नजदीक आते ही घरों और मंदिरों में दीपदान की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देने वाले इस पर्व पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है। बाजारों में कुम्हारों के बनाए दीये, मोमबत्तियां और सजावटी सामान की दुकानें सज गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपदान से घर में सुख-समृद्धि का वास माना जाता है, इसलिए श्रद्धालु मंदिरों में भी सामूहिक दीप प्रज्वलन में हिस्सा लेते हैं। कई धार्मिक संस्थाएं इस अवसर पर गरीब परिवारों के बीच दीये और मिठाई बांटने की योजना बना रही हैं, ताकि हर घर में पर्व की रोशनी पहुंच सके। पंडितों के अनुसार पर्व के दिनों में संध्या समय दीप जलाकर पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस बीच पर्यावरण के प्रति जागरूक लोग मिट्टी के दीयों को प्लास्टिक की सजावट पर तरजीह दे रहे हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों को भी रोजगार मिल रहा है।
