प्रत्यक्ष कर संग्रह तेरह प्रतिशत बढ़कर तेरह लाख करोड़ पार
देश के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में इस वित्त वर्ष में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 14 अक्टूबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है। आँकड़ों के अनुसार, व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट दोनों वर्गों से कर संग्रह में सुधार देखने को मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कर अनुपालन बेहतर होने, आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी और डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से संग्रह को बल मिला है। अग्रिम कर की किश्तों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया है।
कर संग्रह में यह वृद्धि सरकार के राजकोषीय लक्ष्यों के लिए सहायक मानी जा रही है। इससे बुनियादी ढाँचे, सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं पर खर्च की गुंजाइश बनी रहेगी।
आने वाले महीनों में त्योहारों के मौसम और आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए संग्रह की गति पर नज़र रहेगी। विभाग का कहना है कि करदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन सेवाओं को और सरल बनाया जा रहा है।
