जंतर-मंतर के पड़ोसी बोले, प्रदर्शन से बदल गई रोज की ज़िंदगी
दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास रहने वाले लोग कहते हैं कि धरना-प्रदर्शनों का उनकी रोजमर्रा की ज़िंदगी पर गहरा असर पड़ता है। आए दिन लगने वाले बैरिकेड, बढ़ता शोर और भीड़ के कारण स्थानीय निवासियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
निवासियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के आने से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था तो बढ़ जाती है, लेकिन स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वालों को रास्ते बदलने पड़ते हैं। दुकानदारों की मानें तो भीड़ वाले दिनों में ग्राहक कुछ बढ़ते भी हैं, परंतु रुकावटें उनकी आम दिनचर्या बिगाड़ देती हैं।
हालांकि स्थानीय लोग यह भी मानते हैं कि प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि प्रशासन प्रदर्शनों के लिए ऐसी व्यवस्था करे, जिससे आसपास रहने वालों की ज़िंदगी कम से कम प्रभावित हो और इलाके की सामान्य गतिविधियां चलती रहें।
