आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए आशुतोष रांका और सौरव दास को अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों अचानक जंतर-मंतर पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। अदालत के फैसले के बाद इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर संदेश दिया है और इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास बताया है। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है। वहीं पुलिस का पक्ष है कि कार्रवाई कानून के दायरे में की गई और इलाके में व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायिक हिरासत के दौरान आरोपियों को कानूनी सहायता और जमानत के लिए आवेदन का पूरा अधिकार रहता है। मामले की अगली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला प्रदर्शनों और नागरिक स्वतंत्रता को लेकर चल रही व्यापक बहस से जुड़ गया है।
