देश में स्वच्छता अभियान से बदल रही है शहरों की तस्वीर

देश के शहरों और कस्बों में स्वच्छता अभियान ने लोगों की सोच में बड़ा बदलाव लाया है। अब गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं माना जाता, बल्कि आम नागरिक भी इसमें अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। सुबह की सैर से लेकर बाजार की खरीदारी तक, लोग कूड़ा सही स्थान पर डालने के प्रति पहले से अधिक जागरूक दिखते हैं।

नगर निकायों ने भी कचरा संग्रह, गीले और सूखे कचरे के अलगाव तथा नियमित सफाई की व्यवस्था को मजबूत किया है। कई शहरों में स्वच्छता से जुड़ी जागरूकता के लिए स्कूलों, मोहल्ला समितियों और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। इससे बच्चों में भी छोटी उम्र से ही साफ-सफाई की आदत विकसित हो रही है, जो आने वाले समय के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ वातावरण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। साफ सड़कें, स्वच्छ पेयजल और कचरा मुक्त मोहल्ले बीमारियों का खतरा कम करते हैं। इसलिए स्वच्छता को एक दिन के कार्यक्रम की बजाय रोजमर्रा की आदत बनाना जरूरी है, ताकि शहरों की बदली हुई तस्वीर स्थायी बनी रहे।