शहरों में यातायात अनुशासन से ही सुरक्षित रहती है सड़क
शहरों में बढ़ते वाहनों के बीच यातायात अनुशासन ही सड़क को सुरक्षित रखता है। जब हर चालक लेन का पालन करता है, संकेतों का सम्मान करता है और पैदल यात्रियों को रास्ता देता है तो जाम भी कम होता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी घटता है। अनुशासन के बिना बड़ी-बड़ी सड़कें भी सुरक्षित नहीं रहतीं।
यातायात पुलिस और प्रशासन की ओर से भी लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। चौराहों पर लगे संकेत, ट्रैफिक लाइट और जागरूकता अभियान सभी का उद्देश्य एक ही है कि लोग सुरक्षित घर लौटें। नियमों का पालन करना किसी पर बोझ नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा की गारंटी है।
नागरिकों को भी चाहिए कि वे जल्दबाजी में नियम न तोड़ें। कुछ मिनट की देरी से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन एक गलती से जीवन भर का पछतावा हो सकता है। यातायात अनुशासन अपनाना ही शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने का सबसे सरल तरीका है।
