ग्रामीण युवाओं को उद्यम ऋण, स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण और मार्गदर्शन देने की दिशा में काम तेज हो गया है। स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के एक दशक पूरे होने के बाद अब ध्यान इस बात पर है कि छोटे शहरों और गाँवों के युवा भी अपने आइडिया को कारोबार में बदल सकें।
युवाओं का कहना है कि पूँजी की कमी और जानकारी का अभाव ही सबसे बड़ी रुकावट है। ऋण की प्रक्रिया सरल हो, ब्याज का बोझ कम हो और प्रशिक्षण मिले, तो गाँव के युवा खेती से जुड़े प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, डिजिटल सेवा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सफल उद्यम खड़े कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण स्टार्टअप से दोहरा लाभ होगा — युवाओं को गाँव में ही रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। जब युवा उद्यमी बनेंगे, तो वे दूसरों को भी रोजगार देंगे और गाँव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
