वन क्षेत्रों में आग रोकने को ड्रोन निगरानी शुरू हुई

देश के वन क्षेत्रों में आग की घटनाओं पर समय रहते काबू पाने के लिए ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत संवेदनशील वन क्षेत्रों के ऊपर ड्रोन से नियमित निगरानी की जाएगी, जिससे धुआँ या आग के शुरुआती संकेत मिलते ही वन विभाग की टीमें मौके पर पहुँच सकेंगी। पहले आग की सूचना देर से मिलने से नुकसान बढ़ जाता था।

ड्रोन निगरानी से दुर्गम इलाकों पर भी नजर रखना आसान होगा, जहाँ पैदल गश्त में समय लगता है। वन विभाग ने आग बुझाने के उपकरणों और स्थानीय कर्मियों की तैयारी भी बढ़ाई है। साथ ही, वन किनारे बसे गाँवों के लोगों को आग से बचाव और सूचना देने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि वनों की आग से न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि वन्यजीवों और वायु गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ता है। शुरुआती चेतावनी व्यवस्था से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह पहल वन संरक्षण और जलवायु सुरक्षा, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।