शेयर मूल्यांकन सामान्य हुआ, कंपनियों की कमाई में तेजी की उम्मीद

घरेलू शेयर बाजार के मूल्यांकन में बीते दो वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2024 के उच्च स्तर से निफ्टी 50 का आगे के 12 महीनों का मूल्य-आय अनुपात 24.8 गुना से घटकर सितंबर 2026 में 17.2 गुना रह गया। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों के मूल्यांकन में भी गिरावट आई है, जिससे बाजार अब पहले की तुलना में कम महँगा दिख रहा है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि बीएसई 500 की कमाई वित्त वर्ष 2027 में 17 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028 में 16 प्रतिशत बढ़ सकती है। बड़े शेयरों की कमाई में 16 प्रतिशत, मिडकैप में 19 प्रतिशत और स्मॉलकैप में 28 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। पहली तिमाही में बड़े और मिडकैप दोनों वर्गों की कमाई में लगभग 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो कमाई की गति मजबूत होने का संकेत है।

बैंकिंग क्षेत्र को बढ़ती ऋण वृद्धि से सहारा मिल रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में माँग है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी में सतर्कता की सलाह है।

रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊँची कीमतें निकट अवधि में बाजार को अस्थिर रख सकती हैं। भारत का बाजार पूँजीकरण और सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात वित्त वर्ष 2027 के लिए 122 प्रतिशत अनुमानित है, जो सितंबर 2024 के 150 प्रतिशत से कम है। लंबी अवधि में बाजार का प्रदर्शन कमाई की निरंतर वृद्धि पर निर्भर करेगा।