कच्चे तेल की तेजी से बाजार सप्ताह में दो प्रतिशत गिरा

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह कठिन रहा। शुक्रवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 125.56 अंक की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 87.65 अंक गिरकर 22,600 पर आ गया। पूरे सप्ताह में निफ्टी में लगभग 2.4 प्रतिशत और सेंसेक्स में लगभग 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार चौथा सत्र था जब बाजार में गिरावट आई।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ब्रेंट कच्चा तेल शुक्रवार को 3.1 प्रतिशत बढ़कर 116.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया, जो छह महीने का उच्चतम स्तर है। तेल महँगा होने से महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ती है और कंपनियों की लागत पर दबाव आता है, जिससे निवेशक सतर्क हो जाते हैं।

इस गिरावट का असर केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट और भी तेज रही, क्योंकि निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाई। धातु, उपभोक्ता सामान और रियल्टी जैसे दर-संवेदनशील क्षेत्रों में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र अपेक्षाकृत स्थिर रहा, जिसे कमाई की बेहतर संभावना से सहारा मिला।

बाजार के लिए अगले संकेत वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से मिलेंगे। शनिवार को बाजार बंद रहने के कारण अगला नियमित कारोबारी सत्र सोमवार, 26 अक्टूबर को होगा। निवेशकों को इस दौरान जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि की योजना और जोखिम की सीमा को ध्यान में रखना चाहिए।