नामांकन में गलत जानकारी पर आम नागरिक भी कर सकेंगे शिकायत
सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करते समय गलत जानकारी देने या जानकारी छिपाने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ आम नागरिक भी आपराधिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कानून यह नहीं कहता कि ऐसी शिकायत केवल लोक सेवक या सक्षम अधिकारी ही कर सकते हैं।
यह फैसला न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने दिया। अदालत का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका अहम है। यदि किसी उम्मीदवार ने अपनी संपत्ति, आपराधिक मामलों या शिक्षा से जुड़ी गलत जानकारी दी है, तो मतदाताओं को सच जानने का अधिकार है। शिकायत का अधिकार आम नागरिकों को मिलने से जवाबदेही बढ़ेगी।
जानकारों का कहना है कि इस फैसले से उम्मीदवारों पर सही जानकारी देने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही, शिकायतों की जांच कानून के अनुसार होगी, ताकि किसी के खिलाफ झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत का दुरुपयोग न हो। लोकतंत्र में पारदर्शी चुनाव के लिए यह फैसला एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि मतदाता सही जानकारी के आधार पर ही सोच-समझकर मतदान कर सकते हैं।
