समुद्री उत्पाद निर्यात 8.4 अरब डॉलर: मछुआरों की नई उम्मीदें

भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात नई ऊंचाइयों को छू रहा है। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में भारत ने 19,72,018 टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया, जिसकी कीमत 73,890.46 करोड़ रुपये (8,455.76 मिलियन डॉलर) रही।

यह पिछले वित्त वर्ष के 16,98,170 टन (62,408.45 करोड़ रुपये) की तुलना में मात्रा में 16.1 प्रतिशत और मूल्य में 18.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वैश्विक बाजारों में भारतीय झींगा और मछली की मांग लगातार बढ़ रही है।

इसी कड़ी में सरकार ने अंतर्देशीय मत्स्य पालन के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना के विकास चरण में प्रवेश किया है और मत्स्य निवेशक व निर्यातक सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया, ताकि निवेश, मूल्य संवर्धन और निर्यात को बढ़ावा मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, शीत श्रृंखला और प्रसंस्करण सुविधाओं से मछुआरों की आय बढ़ेगी। तटीय और अंतर्देशीय दोनों क्षेत्रों के लिए यह नीली अर्थव्यवस्था की नई संभावनाओं का द्वार खोल रहा है।