बंगाल में 10 बागी विधायकों पर TMC फिर पहुंची सुप्रीम कोर्ट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 10 बागी विधायकों की अयोग्यता की मांग को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस संबंध में अदालत में याचिका दायर की है।
याचिका में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी और कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम सहित दस विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि ये विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और दलबदल विरोधी कानून के तहत इनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए।
यह मामला लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पहले भी इस मुद्दे को उठाया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने पर पार्टी को अदालत का सहारा लेना पड़ा।
वहीं, बागी विधायकों के समर्थकों का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का राज्य की राजनीति पर दूरगामी असर पड़ सकता है।
