त्योहारी ऑनलाइन बिक्री में उछाल, छोटे दुकानदार कहां खड़े

त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़े हैं। बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल में इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और घरेलू सामान की बंपर बिक्री हुई, जिस पर भारी छूट और आसान किस्तों की योजनाओं ने चार चांद लगाए। यूपीआई भुगतान के बढ़ते चलन ने ऑनलाइन खरीदारी को और आसान बना दिया है।

लेकिन इस चमक के पीछे एक चिंताजनक तस्वीर भी है — मोहल्ले के छोटे दुकानदार। भारी छूट के आगे टिक न पाने वाले छोटे व्यापारी ग्राहकों के घटने से परेशान हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन दिग्गजों की ‘प्रिडेटरी प्राइसिंग’ से मुकाबला करना उनके बस की बात नहीं। कई छोटे दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करने तक की नौबत की बात कही है।

हालांकि तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। कई छोटे व्यापारी अब खुद ऑनलाइन मंचों से जुड़ रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बना रहे हैं। सरकार के ओएनडीसी (ONDC) मंच का उद्देश्य भी छोटे विक्रेताओं को डिजिटल व्यापार से जोड़ना है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो दुकानदार तकनीक अपनाएंगे, वे इस बदलाव में भी टिके रहेंगे।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार का संतुलन ही स्वस्थ अर्थव्यवस्था की निशानी है। नीति निर्माताओं के सामने चुनौती है कि वे उपभोक्ताओं को सस्ता सामान भी दिलाएं और छोटे व्यापारियों के रोजगार की रक्षा भी करें। त्योहारी सीजन की यह रौनक तभी सार्थक होगी जब इसका लाभ गांव-कस्बों के छोटे व्यापारियों तक भी पहुंचे।