छठ महापर्व: घाटों की सफाई और सुरक्षा के कड़े निर्देश

सूर्य उपासना के महापर्व छठ की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल नहाय-खाय 13 नवंबर, खरना 14 नवंबर, संध्या अर्घ्य 15 नवंबर और उषा अर्घ्य 16 नवंबर को मनाया जाएगा। पर्व से पहले नगर निगमों ने घाटों की सफाई, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं।

रांची नगर निगम के आयुक्त ने 22 अक्टूबर को अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। पटना में नगर निगम ने गंगा के 91 घाटों और शहर के 62 तालाबों को पर्व के लिए तैयार किया है। पटना के गंगा घाट छठ के समय आस्था और उल्लास के केंद्र बन जाते हैं।

छठ चार दिनों तक चलने वाला कठिन व्रत है, जिसमें व्रती 36 घंटे तक निर्जल रहते हैं। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा में लाखों श्रद्धालु नदियों, तालाबों और घाटों पर जुटते हैं। बांस की टोकरी, ठेकुआ, गन्ना और फलों से सजे सूप इस पर्व की पहचान हैं।

प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा शिविर, पेयजल और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित घाटों पर ही अर्घ्य दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।