ओडिशा में लापता महिलाओं और बच्चों पर NHRC सख्त
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ओडिशा में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों, जिनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं, के लापता होने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को जांच कर चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) सौंपने का निर्देश दिया है। यह निर्देश मानवाधिकार संगठन HRF इंडिया की शिकायत पर जारी किया गया है।
HRF इंडिया के अध्यक्ष मनोज जेना की ओर से 5 अक्टूबर 2026 को दायर शिकायत में कहा गया था कि ओडिशा में हजारों लापता व्यक्ति अब तक नहीं मिले हैं। शिकायत में मानव तस्करी नेटवर्क की आशंका, रोकथाम के अपर्याप्त उपायों और लापता व्यक्तियों की निगरानी व्यवस्था में खामियों का मुद्दा उठाया गया था। आयोग के विधि प्रभाग ने 21 अक्टूबर 2026 को केस संख्या 1140/18/0/2026-WC में यह निर्देश जारी किया।
संगठन ने मांग की है कि तस्करी रोधी इकाइयों को मजबूत किया जाए, लापता मामलों की निगरानी के लिए समर्पित तंत्र बने, हर मामले की तुरंत जांच हो और बचाई गई पीड़ितों को पुनर्वास व परामर्श की सुविधा मिले। आयोग ने संविधान में जीवन और स्वतंत्रता के संरक्षण के अधिकार का हवाला देते हुए इस मामले को गंभीर मानवाधिकार चिंता बताया है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा किसी भी सभ्य समाज की पहली कसौटी है। लापता मामलों में त्वरित कार्रवाई न होना पीड़ित परिवारों के साथ अन्याय है। अब सबकी नजर ओडिशा पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
