यूपी में गन्ना पेराई सत्र शुरू, मिलों में तैयारियाँ तेज़
उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत के साथ ही चीनी मिलों में गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। प्रदेश की अधिकांश चीनी मिलों ने पेराई कार्य शुरू कर दिया है या अगले कुछ दिनों में शुरू करने की तैयारी में हैं। गन्ना किसान अपनी फसल मिलों तक पहुंचाने में जुट गए हैं।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है और यहाँ की चीनी मिलें लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ी हैं। पेराई सत्र आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में शुरू होकर मार्च-अप्रैल तक चलता है। इस दौरान गन्ने का समय पर तौल, पर्ची व्यवस्था और भुगतान किसानों के लिए सबसे अहम मुद्दे रहते हैं।
राज्य सरकार ने मिलों को निर्देश दिए हैं कि किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर किया जाए। पिछले सत्रों में भुगतान में देरी की शिकायतें मिलती रही हैं, इसलिए इस बार निगरानी तंत्र को और सख्त किया गया है। गन्ना विभाग के अधिकारी मिल क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं।
किसान संगठनों ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के कारण मौजूदा भाव से खेती घाटे का सौदा बन रही है। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
