दिव्यांग खिलाड़ियों की सफलता से सुगम्यता अधिकारों पर चर्चा तेज़

एशियाई पैरा खेलों में भारतीय दिव्यांग खिलाड़ियों की शानदार सफलता ने एक बार फिर सुगम्यता और समान अवसर के अधिकारों पर चर्चा तेज़ कर दी है। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने साबित किया है कि सुविधाएँ और समर्थन मिले तो प्रतिभा किसी बाधा की मोहताज नहीं होती।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का कहना है कि ज़िला स्तर पर सुगम खेल परिसर, विशेष प्रशिक्षक और यात्रा सहायता जैसी सुविधाएँ अभी भी सीमित हैं। इन कमियों को दूर किए बिना प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना कठिन है।

सुगम्यता कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक भवनों, परिवहन और खेल स्थलों को पूरी तरह बाधामुक्त बनाने की माँग दोहराई है। उनका मानना है कि पैरा खिलाड़ियों की सफलता समाज के दृष्टिकोण को बदलने का अवसर है।