सिरपुर को यूनेस्को अस्थायी विश्व धरोहर सूची में स्थान
छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक सिरपुर पुरातात्विक स्थल को यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह प्राचीन स्थल अपने समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है।
सिरपुर कभी दक्षिण कोसल की राजधानी रहा है और यहाँ के प्राचीन मंदिर, विहार और अवशेष भारतीय स्थापत्य और संस्कृति की गवाही देते हैं। यहाँ बौद्ध, हिंदू और जैन तीनों परंपराओं के अवशेष मिलते हैं।
इतिहासकारों का मानना है कि इस पहचान से सिरपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और संरक्षण कार्यों को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है।
श्रद्धालुओं और संस्कृति प्रेमियों का कहना है कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जहाँ हर क्षेत्र की अपनी परंपरा और पहचान है। आयोजकों ने सभी से शांति और सौहार्द के साथ आयोजनों में भाग लेने की अपील की है। आने वाले दिनों में इन आयोजनों से जुड़े और कार्यक्रमों की जानकारी सामने आएगी।
