रूसी डीजल से भरा टैंकर अमेरिका के लिए रवाना

प्रतिबंधों के बीच रूस गुरुवार को करीब 40 हज़ार मीट्रिक टन डीजल से भरा टैंकर अमेरिका के लिए रवाना करेगा। यह सौदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर बनी सहमति का परिणाम बताया गया है।

रूस के उप प्रधानमंत्री एलेक्ज़ेंडर नोवाक के अनुसार पिछले हफ्ते ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बातचीत में डीजल आपूर्ति पर सहमति बनी थी। इससे पहले यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रिफाइनरियों को हुए नुकसान के बाद रूस ने डीजल निर्यात पर रोक लगा दी थी।

इस सौदे की यूक्रेन और यूरोपीय देशों ने आलोचना की है। विशेषज्ञ इसे अमेरिका-रूस संबंधों में बदलते समीकरणों का संकेत मान रहे हैं, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर भी दिख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटनाक्रम के दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के मौजूदा दौर में कोई भी बड़ा फैसला कई देशों को एक साथ प्रभावित करता है। भारत पर भी ऐसे घटनाक्रमों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है, इसलिए नई दिल्ली की निगाहें इन गतिविधियों पर बनी रहती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।