प्रसिद्ध न्यूट्रॉन तारे के पास छिपी संरचना का राज़ खुला

नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने एक प्रसिद्ध न्यूट्रॉन तारे के पास छिपी हुई संरचना का पता लगाया है। यह जानकारी तारे से आने वाले स्पंदित संकेतों यानी नियमित अंतराल पर मिलने वाली धड़कनों जैसे संकेतों के अध्ययन से मिली है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ी इस खोज को ब्रह्मांड की समझ बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

न्यूट्रॉन तारे अत्यंत घने खगोलीय पिंड होते हैं, जो विशाल तारों के विस्फोट के बाद बचते हैं। इनसे आने वाले संकेतों में छिपे बदलाव वैज्ञानिकों को उनके आसपास की संरचना समझने में मदद करते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार इस तरह के अध्ययन से तारों के व्यवहार और उनके वातावरण पर नई रोशनी पड़ती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज आगे के खगोल-भौतिकी शोधों के लिए नए सवाल और नए रास्ते खोलेगी। भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी ऐसे अध्ययन प्रेरणा का विषय हैं। आम पाठकों के लिए यह जानना रोचक है कि अंतरिक्ष से आने वाली इन नियमित धड़कनों में ब्रह्मांड के कई गहरे राज़ छिपे हुए हैं।