ग्लोबल वार्मिंग पुराने अनुमानों से तेज़, यूएनईपी की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग पुराने अनुमानों से कहीं आगे निकल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में तापमान वृद्धि 1.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुकी है। देशों की मौजूदा प्रतिबद्धताओं पर अमल हुआ तो भी तापमान 2.3 से 2.5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जो तय सीमा से बहुत ज़्यादा होगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल उत्सर्जन का 73 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ़ जी-20 देशों से आता है। यानी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका इस संकट को रोकने में सबसे अहम है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्सर्जन घटाने की रफ़्तार तुरंत बढ़ाए बिना हालात संभालना मुश्किल होगा।
जलवायु परिवर्तन का असर खेती, पानी और स्वास्थ्य पर साफ़ दिखने लगा है। यह चेतावनी आने वाले जलवायु सम्मेलनों से पहले देशों पर दबाव बढ़ाने वाली मानी जा रही है। आम लोगों के लिए यह चेतावनी अपने दैनिक जीवन और खपत के तरीक़ों में जलवायु-अनुकूल बदलाव लाने का भी साफ़ संदेश देती है।
