आजीविका मिशन ने बदली महिलाओं की ज़िंदगी, आत्मनिर्भरता की मिसाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने गाँव-गाँव की महिलाओं की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएँ अब बचत, ऋण और छोटे उद्यमों के ज़रिए अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मज़बूत कर रही हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहीं कई महिलाएँ आज समूह की बैठकें चलाती हैं और बैंकिंग कामकाज स्वयं संभालती हैं।
मिशन के तहत महिलाओं को सिलाई, डेयरी, मशरूम उत्पादन, मसाला पैकेजिंग और हस्तशिल्प जैसे कामों का प्रशिक्षण दिया जाता है। उत्पादों को बाज़ार से जोड़ने के प्रयास भी हो रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिलाओं का सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है और वे परिवार व समाज के निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह बदलाव ग्रामीण महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इनकी सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
