विशेष रिपोर्ट: त्योहारी सीजन में स्थानीय कारोबार को मिली रफ्तार
लखनऊ। इस वर्ष त्योहारी सीजन स्थानीय कारोबारियों के लिए उम्मीदों भरा रहा। दीपावली से पहले शुरू हुई खरीदारी का सिलसिला गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक जारी रहा। मिठाई, सजावट, परिधान और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी।
व्यापारिक संगठनों के अनुसार छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारीगरों को इस सीजन विशेष लाभ मिला। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामान और स्थानीय मिठाइयों की मांग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दी। डिजिटल भुगतान की सुविधा ने खरीदारी को और आसान बनाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी मांग से न केवल व्यापार बढ़ा, बल्कि अस्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा हुए। सजावट, परिवहन और खानपान क्षेत्रों में कामगारों की मांग बढ़ी। आगे छठ और अन्य पर्वों तक यह रफ्तार बनी रहने की उम्मीद है। कारोबारियों ने सरकार से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की नीतियों को और मजबूत करने की मांग भी रखी है।
