पटाखा इकाइयों में बाल श्रम रोकने को निरीक्षण तेज हुआ

लखनऊ। त्योहारी सीजन में पटाखा निर्माण और बिक्री से जुड़ी इकाइयों में बाल श्रम पर रोक के लिए श्रम विभाग और बाल संरक्षण इकाइयों ने निरीक्षण तेज कर दिया है। टीमों ने गोदामों और दुकानों पर पहुंचकर काम करने वालों की उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खतरनाक कार्यों में बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है और ऐसा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। बचाए गए बच्चों को पुनर्वास, शिक्षा और परामर्श की सुविधा बाल कल्याण समिति के माध्यम से दी जाएगी।

मानवाधिकार संगठनों ने अभियान का स्वागत करते हुए आम लोगों से अपील की है कि वे बाल श्रम की सूचना चाइल्डलाइन 1098 पर दें। उनका कहना है कि त्योहार की खुशियां किसी बच्चे के बचपन की कीमत पर नहीं होनी चाहिए, हर बच्चे को सुरक्षित बचपन और पढ़ाई का अधिकार है। जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स त्योहार के बाद भी निगरानी जारी रखेगी, ताकि बचाए गए बच्चे दोबारा काम पर न लौटें।