दलहन मिशन की सुस्त रफ्तार पर कैबिनेट सचिवालय ने लगाई फटकार

देश को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए दलहन मिशन की रफ्तार सुस्त पड़ने पर कैबिनेट सचिवालय ने नाराजगी जताई है। करीब 11,440 करोड़ रुपये के बजट वाले इस प्लान में देरी को लेकर फटकार के बाद कृषि मंत्रालय हरकत में आया है और काम में तेजी लाने की तैयारी शुरू हो गई है।

मिशन का मकसद दलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता घटाना है, ताकि दालों के दाम नियंत्रण में रहें और किसानों को भी बेहतर आमदनी मिल सके। राज्यों के साथ समन्वय की कमी को सुस्ती की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि अगर योजना समय पर जमीन पर उतरे तो आने वाले वर्षों में दालों के आयात बिल में बड़ी कमी आ सकती है। मंत्रालय ने अब निगरानी व्यवस्था सख्त करने का भरोसा दिया है। किसानों को उम्मीद है कि रफ्तार बढ़ने से उन्हें उन्नत बीज और तकनीकी मदद समय पर मिलेगी।