जलवायु विज्ञान को मजबूत करने के लिए आईआईटीएम मंच सक्रिय

पुणे। बदलते मौसम और बढ़ती चरम मौसमी घटनाओं के दौर में जलवायु विज्ञान की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान यानी आईआईटीएम से जुड़ा जलवायु विज्ञान मंच इस दिशा में शोध और सहयोग को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। पीआईबी की जानकारी के अनुसार, मंच का उद्देश्य वैज्ञानिकों और संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाना है।विशेषज्ञों का मानना है कि सटीक मौसम पूर्वानुमान किसानों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और नीति निर्माताओं के लिए बेहद उपयोगी है। मानसून की बदलती प्रवृत्ति, अत्यधिक वर्षा और लू जैसी घटनाओं को समझने के लिए उन्नत शोध जरूरी है। मंच के माध्यम से आंकड़ों के आदान-प्रदान और संयुक्त अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा।रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु अनुकूलन की योजनाएं तभी सफल होंगी, जब विज्ञान जनभागीदारी से जुड़े। स्थानीय स्तर पर मौसम जानकारी पहुंचाना और समुदायों को तैयार करना इस प्रयास का अहम हिस्सा है। इससे आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।