जलवायु सम्मेलन से पहले देशों में उत्सर्जन कटौती पर चर्चा तेज़
विश्व पटल पर जलवायु परिवर्तन को लेकर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। आगामी अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन से पहले कई देश कार्बन उत्सर्जन में कटौती के नए लक्ष्य घोषित करने की तैयारी में हैं। विकसित और विकासशील देशों के बीच वित्तीय सहायता के मुद्दे पर भी बातचीत का दौर लगातार जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा और समुद्री जलस्तर में वृद्धि छोटे द्वीपीय देशों के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बन गई है। ऐसे देशों ने सम्मेलन में ठोस कार्रवाई की मांग उठाई है। भारत सहित कई देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताया है।
भारत में सौर और पवन ऊर्जा की क्षमता लगातार बढ़ रही है, जिसका सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की स्थिति पर दिख रहा है। सम्मेलन से पहले होने वाली मंत्रिस्तरीय बैठकों में इन मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिशें जारी रहेंगी, ताकि धरती को सुरक्षित भविष्य दिया जा सके।
