युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए अभियान शुरू
पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को जोड़ने के लिए राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। स्वयंसेवक घर-घर जाकर भी अठारह वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। नेताओं का कहना है कि युवा मतदाता किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी भागीदारी बढ़ाना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। अभियान में सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जा रहा है, जहां छोटे वीडियो और संदेशों के जरिए मतदान के महत्व को बताया जा रहा है। चुनाव आयोग की ओर से भी नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर लगाए जाने की तैयारी है। युवा मतदाताओं ने रोजगार, शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं को अपने प्रमुख मुद्दे बताया है। जानकारों का मानना है कि जिस दल की बात युवाओं तक सबसे बेहतर पहुंचेगी, उसे चुनाव में लाभ मिलेगा।
